Shishunaag vansh ki sthpana kisne ki

Shishunaag vansh ki sthpana kisne ki

Shishunaag vansh ki sthpana kisne ki | Shishunaag vnsh ki sthpana kisne ki | Shishunaag vansh ki sthpan kisne ki | Shishunaag vansh ki sthpana kisn ki | Shishunaag vansh ki sthana kisne ki | Shishunag vansh ki sthpana kisne ki |

शिशुनाग वंश 412 से 345 ई॰पू॰ गद्दी पर बैठे। महावंश के अनुसार वह लिच्छवि राजा की एक पत्‍नी से उत्पन्‍न पुत्र था । इसने सर्वप्रथम मगध के प्रबल प्रतिद्वन्दी राज्य अवन्ति पर वहां के शासक अवंतिवर्द्धन के विरुद्ध विजय प्राप्त की और उसे अपने साम्राज्य में सम्मिलित कर लिया। इस प्रकार मगध की सीमा पश्‍चिम मालवा तक फैल गई।

Shishunaag vansh ki sthpana kisne ki

Que-1. शिशुनाग वंश की स्थापना किसने की ?

Ans. शिशुनाग वंश की स्थापना शिशुनाग ने की थी ।

शिशुनाग वंश

No.-1. शिशुनाग वंश की स्थापना शिशुनाग ने की थी ।

No.-2. इसने अपनी राजधानी पाटलिपुत्र से हटाकर वैशाली में स्थापित की ।

No.-3. शिशुनाग ने अवन्ती तथा वत्स राज्य पर अधिकार कर उसे मगध साम्राज्य में मिला लिया ।

No.-4. शिशुनाग का उत्तराधिकारी कालाशोक (394-366 ई.पू.) गद्दी पर बैठा ।

Scroll to Top