Sabse Prachin ved kaun sa hai

Sabse Prachin ved kaun sa hai

Sabse Prachin ved kaun sa hai | Sabse Pachin ved kaun sa hai | Sabse Prachn ved kaun sa hai | Sabse Prachin vd kaun sa hai | Sabse Prachin ved kan sa hai | Sabse Prachin ved kaun  hai | Sabse Prachin ved kaun sa |

ऋग्वेद चार वेदों में सबसे पुराना है; दूसरा सामवेद, यजुर्वेद और अथर्ववेद। सबसे प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में से एक माना जाता है जो अभी भी एक जीवित परंपरा द्वारा प्रतिष्ठित है, यह अनुमान है कि प्रारंभिक वैदिक काल के दौरान लगभग 1500-1200 ईसा पूर्व का गठन किया गया था। यह 10028 भजनों और 10,600 छंदों का संग्रह है, जिसे दस पुस्तकों (मंडलों) में व्यवस्थित किया गया है।

Sabse Prachin ved kaun sa hai

Que.-1. सबसे प्राचीन वेद कौन- सा है ?

Ans. ऋग्वेद, सबसे प्राचीन वेद है ।

ऋग्वेद :-

Point.-1. ऋचाओं के क्रमबद्ध ज्ञान के संग्रह को ऋग्वेद कहा जाता है । इसमें 10 मंडल, 1028 सूक्त एवं 10462 ऋचाएँ हैं ।

Point.-2. इस वेद से आर्य के राजनीतिक प्रणाली एवं इतिहास के बारे में जानकारी मिलती है ।

Point.-3. विश्वामित्र द्वारा रचित ऋग्वेद के तीसरे मंडल में सूर्य देवता सावित्री को समर्पित प्रसिद्ध गायत्री मंत्र है ।

Point.-4. ऋग्वेद के नौवें मंडल में देवता सोम का उल्लेख है ।

Point.-5. इसके आठवीं मंडल की हस्तलिखित ऋचाओं को खिल कहा जाता है ।

Point.-6. चातुष्वर्ण्य समाज की कल्पना का आदि श्रोत ऋग्वेद के दसवें मंडल में वर्णित पुरुषसूक्त है , जिसके अनुसार चार वर्ण ब्राह्मण ,क्षत्रिय वैश्य ,शूद्र हैं।

Point.-7. वामनावतार के तीन पगों का उल्लेख प्राचीनतम स्रोत ऋग्वेद है ।

Point.-8. ऋग्वेद में इंद्र के लिए 250 तथा अग्नि के लिए 200 ऋचाओं की रचना की गयी है ।

Leave a Comment

Your email address will not be published.

Scroll to Top