Purano ki sankshya kitni hai

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अठारह पुराणों में अलग-अलग देवी-देवताओं को केन्द्र मानकर पाप और पुण्य, धर्म और अधर्म, कर्म और अकर्म की गाथाएँ कही गयी हैं। कुछ पुराणों में सृष्टि के आरम्भ से अन्त तक का विवरण दिया गया है। ‘पुराण’ का शाब्दिक अर्थ है, ‘प्राचीन’ या ‘पुराना’।

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Que.-1. पुराणों की संख्या कितनी है ?

Ans. पुराणों की संख्या 18 है ।

Point.-1. पुराणों की रचयिता लोमहर्ष अथवा उनके पुत्र उग्रश्रवा ने की , जिनकी संख्या 18 है ।

Que.-1. पुराण कितने हैं उनके नाम बताइए

No.-(1) ब्रह्मपुराण

No.- (2) पद्म पुराण

No.- (3) विष्णु पुराण

No.- (4) वायु पुराण

No.- (5) भागवत पुराण

No.- (6) नारद पुराण

No.- (7) मार्कंडेय पुराण

No.- (8) अग्नि पुराण

No.- (9) भविष्य पुराण

No.- (10) ब्रह्मवैवर्त पुराण

No.- (11) लिंग पुराण

No.- (12) वराह पुराण

No.- (13) स्कंद पुराण

No.- (14) वामन पुराण

No.- (15) कूर्म पुराण

No.- (16) मत्स्य पुराण

No.- (17) गरुड़ पुराण

No.- (18) ब्रह्मांड पुराण

 

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