Nalanda vishwavidyalaya kisne banwaya tha

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नालंदा प्राचीन भारत में उच्च शिक्षा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण और विख्यात केन्द्र था। महायान बौद्ध धर्म के इस शिक्षा-केन्द्र में हीनयान बौद्ध-धर्म के साथ ही अन्य धर्मों के तथा अनेक देशों के छात्र पढ़ते थे। वर्तमान बिहार राज्य में पटना से ८८.किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और राजगीर से ११.किलोमीटर उत्तर में एक गाँव के पास अलेक्जेंडर कनिंघम द्वारा खोजे गए इस महान बौद्ध विश्वविद्यालय के भग्नावशेष इसके प्राचीन वैभव का बहुत कुछ अंदाज़ करा देते हैं।

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कुमारगुप्त प्रथम (415-454 ई.)

No.-1. चंद्रगुप्त द्वितीय का उत्तराधिकारी कुमारगुप्त प्रथम बना ।

No.-2. नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना कुमारगुप्त ने की थी । इस विश्वविद्यालय को ऑक्सफोर्ड ऑफ महायान बौद्ध कहा जाता है ।

No.-3. कुमारगुप्त ने महेंद्रादित्य ,श्री महेंद्र तथा अश्वमेघ महेंद्र आदि उपाधियाँ धारण की ।

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