Hindi ptrikaon ki list हिंदी पत्र पत्रिकाओं की सूची

Hindi ptrikaon ki list हिंदी पत्र पत्रिकाओं की सूची

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सुधाकर’ और ‘बनारस अखबार’ साप्‍ताहिक पत्र थे जो काशी से प्रकाशित होते थे। ‘प्रजाहितैषी’ एवं बुद्धि प्रकाश का प्रकाशन आगरा से होता था। ‘तत्‍वबोधिनी’ पत्रिका साप्‍ताहिक थी और इसका प्रकाशन बरेली से होता था। ‘मालवा’ साप्‍ताहिक मालवा से एवं ‘वृतान्‍त’ जम्‍मू से तथा ‘ज्ञान प्रदायिनी पत्रिका’ लाहौर से प्रकाशित होते थे।

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भारतेन्दु पूर्व युग की पत्र-पत्रिकाएँ एवं संपादक (1826-1867 ई.)

No.-1. हिंदी का पहला समाचार पत्र उदंत मार्तण्ड (30 मई 1826) की प्रति मंगलवार को निकलती थी और मासिक मूल्य 2 रुपये था।

No.-2.  इस पत्र में खड़ी बोली का ‘मध्यदेशीय भाषा’ के नाम से उल्लेख किया गया है। 4 दिसम्बर 1827 को इस पत्र की अंतिम प्रति प्रकाशित हुई जिसमें संपादक ने लिखा था-

“आज दिवस लौं उग चुक्यो मार्तण्ड उद्दंत।

अस्ताचल को जात है दिनकर दिन अब अंत।।”

No.-3. दूसरा पत्र बंगदूत 1929 ई. में कलकत्ते से ही निकला, जो बँगला, फ़ारसी और हिंदी तीन भाषाओं में निकलता था। इसके संपादक नीलरतन हलधर थे। यह पत्र हर रविवार को प्रकाशित होता था और मूल्य 1 रुपये था।

No.-4. 1845  ई. में राजा शिव प्रसाद सिंह ‘सितारे हिंद’ ने ‘बनारस अखबार’ निकाला जिसकी भाषा उर्दू-हिंदी मिश्रित थी।

No.-5. हिंदी प्रदेश से निकलने वाला यह पहला पत्र था। इसकी लिपि नागरी थी। इसके पहले के सभी हिंदी पत्र बंगाल से निकलते थे। बहुत दिनों तक लोग इसे ही हिंदी का प्रथम पत्र समझते रहे।

No.-6. 1846  ई. में मौलवी नसीरुद्दीन ने कलकत्ते से ही ‘मार्तण्ड’ पत्र निकाला जो 5 भाषाओं- हिंदी, उर्दू, बँगला, फ़ारसी तथा अंग्रेजी में निकलता था।

No.-7. 1858 ई. में कलकत्ते से ‘समाचार सुधावर्षण’ प्रथम हिंदी दैनिक का प्रकाशन हुआ जिसके संपादक श्यामसुंदर सेन थे। इसमें हिंदी और बँगला दोनों भाषाओं का प्रयोग होता था।

No.-8. भारतेंदु पूर्व काल के समाचार पत्रों में उर्दू-पत्रों की प्रधानता रही। बहुत सारे पत्रों में उर्दू के साथ हिंदी में भी छाप दिया जाता था।

No.-9. हिंदी के पत्र केवल भाषा प्रेम के लिए निकलते थे, उनमें न भाषा की स्थिरता थी, न वे नियमित तौर पर निकल पाते थे।

No.-10. भारतेन्दु पूर्व युग की प्रमुख पत्रिकाएँ निम्नलिखित हैं-भारतेंदु पूर्व काल के समाचार पत्रों में उर्दू-पत्रों की प्रधानता रही। बहुत सारे पत्रों में उर्दू के साथ हिंदी में भी छाप दिया जाता था।

No.-11. हिंदी के पत्र केवल भाषा प्रेम के लिए निकलते थे, उनमें न भाषा की स्थिरता थी, न वे नियमित तौर पर निकल पाते थे।

No.-12. भारतेन्दु पूर्व युग की प्रमुख पत्रिकाएँ निम्नलिखित हैं-भारतेंदु पूर्व काल के समाचार पत्रों में उर्दू-पत्रों की प्रधानता रही। बहुत सारे पत्रों में उर्दू के साथ हिंदी में भी छाप दिया जाता था।

No.-13.  हिंदी के पत्र केवल भाषा प्रेम के लिए निकलते थे, उनमें न भाषा की स्थिरता थी, न वे नियमित तौर पर निकल पाते थे।

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पत्र पत्रिकाओं (hindi patrikayen) की सूची संपादक और वर्ष के साथ दी गई है

पत्रिका एवं संपादकप्रकाशन स्थानवर्ष
उदन्त मार्तंड- जुगल किशोरसाप्ताहिक, कलकत्ता1826
बंग दूत- राजा राम मोहन रायसाप्ताहिक, कलकत्ता1829
प्रजामित्रसाप्ताहिक, कलकत्ता1834
बनारस अख़बार- राजा शिव प्रसाद सिंहसाप्ताहिक, बनारस1845
मार्तंड- मो. नसीरुद्दीनसाप्ताहिक, कलकत्ता1846
सुधाकर- बाबू तारा मोहन मित्रसाप्ताहिक, काशी1850
साम्यदंड मार्तण्ड- पं. जुगलकिशोरसाप्ताहिक, कलकत्ता1850
बुद्ध‌‍ि प्रकाश- मुंशी सदासुखलालसाप्ताहिक, आगरा1852
प्रजा हितैषी- राजा लक्ष्मण सिंहआगरा1855

भारतेन्दु पूर्व पत्रिकाएँ

पत्रिका एवं संपादकप्रकाशन स्थानवर्ष
कवि वचन सुधा- भारतेंदुमासिक, काशी1868
बिहार बंधु- पं. केशव राम भट्टबिहार प्रांत1871
हरिश्चन्द्र मैगजीन- भारतेंदुमासिक, बनारस1873
बाल बोधनी- भरतेंदुमासिक, बनारस1874
सदादर्श- लाला श्रीनिवास दाससाप्ताहिक, दिल्ली1874
काशी पत्रिका- बलदेव प्रसादसाप्ताहिक, अलीगढ़ 
भारत बंधु- तोता रामसाप्ताहिक, अलीगढ़ 
भारत मित्र- छोटूलाल मिश्र और दुर्गाप्रसाद मिश्रसाप्ताहिक, कलकत्ता1877
हिंदी प्रदीप- बाल कृष्ण भट्टमासिक, प्रयाग1877
आनंद कादम्बिनी- बदरी नारायण चौधरीमासिक, मिर्जापुर1881
ब्राह्मण- प्रताप नारायण मिश्रमासिक, कानपुर1883
भारतेंदु- पं. राधा चरण गोस्वामीवृंदावन1884
भारत जीवन- रामकृष्ण वर्मासाप्ताहिक1884
देवनागरी प्रचारक-मेरठ 
प्रयाग समाचार- देवकी नंदन त्रिपाठीलखनऊ 
हिंदुस्तान- राजा रामपाल सिंहदैनिक, इंग्लैंड 

 

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