Bharat Ke Jalprapat pdf

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आज के इस पोस्ट के माध्यम से हम आपके साथ भारत के प्रमुख जलप्रपात PDF (Major Waterfalls of India PDF) शेयर करेंगे, जिसमे भारत के सभी प्रमुख जलप्रपात की जानकारी को क्रमबद्ध तरीके से दी गयी है, आप इस पीडीऍफ़ नोट्स को इस पोस्ट में निचे दिए गए डायरेक्ट डाउनलोड लिंक की मदद से निशुल्क डाउनलोड करके पढ़ सकते है|

Bharat Ke Jalprapat pdf

 हुंडरू जलप्रपात, झारखण्ड

No.-1. हुंडरू जलप्रपात झारखण्ड राज्य का सबसे प्रसिद्ध जलप्रपात है। यह रांची से क़रीब 42 किलो मीटर दूर स्वर्णरेखा नदी के किनारे है।

No.-2. वर्षा ऋतु में इस झरने को देखने के लिए पर्यटकों की यहाँ भारी भीड़ उमड़ती है।

No.-3. यह सुन्दर झरना राँची-पुरुलिया मार्ग पर स्थित है।

No.-4. हुंडरू जलप्रपात 74 मीटर यानी क़रीब 243 फीट की उंचाई से गिरता है।

No.-5. यह झारखण्ड का सबसे ऊँचा जलप्रपात है, जिसकी छटा देखते ही बनती है।

No.-6. वर्षा के दिनों में इस जलप्रपात की धारा मोटी हो जाती है।

No.-7. इन दिनों में तो इसका दृश्य और भी सुंदर व मनमोहक हो जाता है।

No.-8. इसी जलप्रपात से सिकीदरी में पनबिजली का उत्पादन किया जाता है।

जोन्हा जलप्रपात

No.-1. जलप्रपात झारखण्ड की राजधानी राँची से 40 कि.मी. दूर टाटा-राँची मार्ग पर ‘तईमारा’ नामक गाँव के निकट स्थित है। यहाँ भगवान गौतम बुद्ध की एक प्रतिमा भी स्थापित की गई है, जिसके चलते इसे ‘गौतम धारा’ भी कहा जाता है।

No.-2. राँची-मूरी मार्ग से दक्षिण में स्थित यह प्रपात भी राँची पठार की भ्रंश रेखा पर निर्मित है।

No.-3. इस जलप्रपात की ऊंचाई लगभग 150 फीट है।

No.-4. जोन्हा प्रपात राढू नदी पर स्थित है। इसके पास में ही ‘सीताधारी’ नामक एक छोटा प्रपात भी है।

No.-5. जलप्रपात हर दिन पर्यटकों की भीड़ से चहल-पहल भरा रहता है।

No.-6. जोन्हा जलप्रपात पर बुद्ध का प्रसिद्ध मंदिर है और पर्यटक भगवान बुद्ध के मन्दिर के दर्शन के लिए भी जाते है।

No.-7. इसके आस-पास का नज़ारा भी बहुत ख़ूबसूरत है, जो पर्यटकों को मंत्र-मुग्ध कर देता है।

 जलप्रपात, झारखण्ड

No.-1. राजरप्पा जलप्रपात झारखण्ड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है।

No.-2. रामगढ़ कैंट (हज़ारीबाग़ ज़िला) से पूरब की ओर क़रीब 25 किलोमीटर की दूरी पर राजरप्पा जलप्रपात स्थित है।

No.-3. अनोखे प्राकृतिक दृश्यों से भरपूर इस जलप्रपात का धार्मिक महत्त्व भी है।

No.-4. प्रतिवर्ष इस स्थान पर मेला भी आयोजित किया जाता है।

No.-5. राजरप्पा जलप्रपात दामोदर नदी और भेड़ा नदी के संगम पर अवस्थित है।

Bharat Ke Jalprapat 

जोग प्रपात, कर्नाटक

No.-1. जोग प्रपात को जरस्पा प्रपात भी कहा जाता है। यह शिमोगा, कर्नाटक से 104 कि.मी. की दूरी पर स्थित है।

No.-2. एशिया के सबसे ऊँचे जल प्रपात के रूप में जाना जाने वाला जोग प्रपात कर्नाटक का मुख्य पर्यटक स्थल और आकर्षण का केन्द्र है।

No.-3. जोग प्रपात अरब सागर में नदी के मुहाने के पास स्थित होनावर से 29 कि.मी. प्रतिकूल दिशा में स्थित है।

No.-4. यह 253 मीटर की ऊँचाई से एक गहरी खाई में गिरता है और चार धाराओं में बंट जाता है, जिन्हें ‘राजा’ या घोड़े की नाल, ‘रोरर’, ‘रॉकेट’ और ‘रानी’ या ‘ला डेम ब्लांशे’ कहा जाता है।

No.-5. यह प्रपात लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है और इसे नदी के दोनों किनारों पर बने बंगलों से देखा जा सकता है।

No.-6. धारा में नीचे की ओर जोग में एक विशाल पनबिजली परियोजना स्थापित की गई है।

दूधसागर झरना

No.-1. दूधसागर झरना गोवा-कर्नाटक की सीमा के पास मांडवी नदी पर स्थित एक जलप्रपात है।

No.-2. दूधसागर शब्द का अर्थ है ‘दूध के सागर’। यह झरना विश्व के सुंदर और लोकप्रिय झरनों में से एक है।

No.-3. यह झरना पणजी से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। दूधसागर झरना सबसे ऊँचे झरनों की सूची में भारत में 5 वें और विश्व में 227वें स्थान पर है।

No.-4. इस झरना की ऊँचाई 310 मीटर और औसत चौड़ाई 30 मीटर है। दूधसागर झरना मानसून के दौरान पर्यटकों को ज़्यादा आकर्षित करता है।

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लोध जलप्रपात, झारखण्ड

No.-1. लोध जलप्रपात झारखण्ड राज्य के लातेहार ज़िले में स्थित एक झरना है।

No.-2. लोध जलप्रपात नेतरहाट से 16 किमी की दूरी पर है।

No.-3. लोध जलप्रपात बहुत ख़ूबसूरत हैं और पर्यटकों को बहुत पसंद आते हैं।

No.-4. लोध जलप्रपात प्रदेश के सबसे ऊँचाई के झरने हैं जो 468 फीट की ऊँचाई से गिरते है।

No.-5. लोध जलप्रपात इतना ख़ूबसूरत हैं कि जो भी पर्यटक यहाँ आते हैं वह इनकी तारीफ किए बिना नहीं रह पाते।

हिरणी जलप्रपात, झारखण्ड

No.-1. हिरणी जलप्रपात झारखण्ड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है।

No.-2. यह जलप्रपात राँची-चाईबासा मार्ग पर राँची से क़रीब 72 किलोमीटर की दूरी पर पश्चिमी सिंहभूम ज़िले में स्थित है।

No.-3. यह प्रपात जंगल के बीच है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है।

सदनी जलप्रपात, झारखण्ड

No.-1. सदनी जलप्रपात झारखण्ड की राजधानी राँची में स्थित है। राँची के पश्चिमी क्षेत्र यानी गुमला ज़िले में शंख नदी पर सदनी जलप्रपात है।

No.-2. इस प्रपात की जलधारा 61 मीटर यानी क़रीब 200 फीट की उंचाई से गिरती है।

No.-3. झारखण्ड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से यह जलप्रपात भी है।[

अरुविक्कुझी जलप्रपात, केरल

No.-1. अरुविक्कुझी जलप्रपात केरल राज्य के कोट्टयम शहर से 18 किमी दूर स्थित है।

No.-2. कुमरकम से कच्ची सड़क से 2 किमी पर यह सुंदर पिकनिक स्थल है, जहां जलधाराओं का शोर गूंजता है।

No.-3. यहाँ 100 फीट की ऊंचाई से गिरते जलप्रपात के दहाड़ सुनाई देती है।

No.-4. पर्यटक यहां रबर बगानों की छांह का भी आनंद लेते हैं।

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आम्बोली घाट जलप्रपात, महाराष्ट्र

No.-1. आम्बोली घाट जलप्रपात महाराष्ट्र में एक रमणीक पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है।

No.-2. यह जलप्रपात महाराष्ट्र के सिंधु दुर्ग ज़िले में स्थित है।

No.-3. यह लगभग 690 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है।

No.-4. इस जलप्रपात के क्षेत्र के निकट से ही गोवा राज्य की सीमा प्रारम्भ हो जाती है

ककोलत जलप्रपात, बिहार

No.-1. ककोलत जलप्रपात बिहार के नवादा ज़िला मुख्यालय से 35 किलोमीटर की दूरी पर दक्षिण-पूर्व प्रखण्ड में स्थित है। यह जलप्रपात प्राचीन काल से प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है।

No.-2. आज़ादी से पूर्व घने जंगल और दुर्गम रास्तों के बावजूद यह जलप्रपात अंग्रेज़ों के लिए गर्मी में प्रमुख पर्यटक केंद्र हुआ करता था।

No.-3. सात पर्वत श्रृंखलाओं से प्रवाहित होने वाला ककोलत जलप्रपात और इसकी प्राकृतिक छटा बहुत सारे कोतुहलों को जन्म देती है। यह एक ऐसा जलप्रपात है, जो सुंदरता और प्राकृतिक सौंदर्य के लिहाज से देश के किसी भी जलप्रपात से कम नहीं है।

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नीलकंठ जलप्रपात, छत्तीसगढ़

No.-1. नीलकंठ जलप्रपात बसेरा छत्तीसगढ़ राज्य में ‘गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान’ के अंतर्गत सघन वन से घिरा हुआ है।

No.-2. इस प्रपात से लगभग 100 फुट की ऊँचाई से जल नीचे गिरता है।

No.-3. यहाँ स्थित एक विशाल शिवलिंग भी आकर्षण का प्रमुख केन्द्र है।

काकोचांग जलप्रपात

No.-1. यह असम के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। यह गोलाघाट जिला, असम में बोकाखाट से 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह प्रकृति के स्वर्ग में स्थित एक सुंदर जलप्रपात है।

No.-2. यह जलप्रपात जिले के कॉफी और रबर के बागानों के बीच में से व्यापक रूप से नीचे आते हुए दृश्य को असाधारण रूप से सुंदर बनाता है।

No.-3. काकोचांग जलप्रपात एक लोकप्रिय पिकनिक स्थल है और स्थानीय लोग और पर्यटक अक्सर यहां आते हैं।

No.-4. पिकनिक मनाने वालों के लिए झील के चारों ओर बहुत अच्छी जगह है।

No.-5. यहाँ से नुमालीगढ़ में प्राचीन खंडहर देख सकते हैं। इन प्राचीन खंडहरों का विशेष पुरातात्विक मूल्य है।

No.-6. नुमालीगढ़ में देव पर्वत खंडहर आते समय काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में आने वाले पर्यटक आसानी से काकोचांग झरने के लिए एक दिन की यात्रा की योजना बना सकते हैं।

No.-7. बोकाखाट राष्ट्रीय उद्यान से सिर्फ 23 किलोमीटर की दूरी पर है।

No.-8. झरने की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय मानसून के बाद का है, जब भारी वर्षा के कारण जलप्रपात प्रचुर मात्रा में पानी के साथ तेज़ी से गिरता है।

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