Bharat Ke Jalprapat - भारत के प्रमुख जलप्रपात

Bharat Ke Jalprapat – भारत के प्रमुख जलप्रपात

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इस पोस्ट में बात करेंगे भारत के जलप्रपात के बारे में जो भारत में कहां कहां पाए जाते हैं। या किन किन राज्यों में पाए जाते हैं, तथा उन से बनने वाले प्रश्नों के बारे में कवर करेंगे। और देखेंगे कौन सा जलप्रपात सबसे छोटा है, और कौन सा जलप्रपात सबसे बड़ा है, तथा किस नदी पर कौन सा जलप्रपात है। यह टॉपिक परीक्षा की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है यह प्रदेश की प्रतियोगी परीक्षाओं में इस तरह के टापिक से अधिकतर प्रश्न पूछे जाते हैं।

Bharat Ke Jalprapat – भारत के प्रमुख जलप्रपात

विक्टोरिया जलप्रपात

No.-1. विक्टोरिया जलप्रपात जिम्बाव्वे में जेम्बेजी नदी पर स्थित है। यह जलप्रपात विश्व के सात आश्चर्यों में गिना जाता है। विश्व के शानदार जल प्रपातों में से यह प्रपात दूसरे नम्बर पर रखा जाता है। विक्टोरिया जलप्रपात को स्थानीय भाषा में ‘मोसी-ओआ-तुन्या’ कहा जाता है।

No.-2. इस जलप्रपात का अफ़्रीकी नाम ‘मोसी-ओआ-तुन्या’ है, अर्थात ‘धुआँ जो गरजे’।

No.-3. विक्टोरिया जलप्रपात का निर्माण जेम्बेजी नदी से होता है।

No.-4. इस जलप्रपात में गिरने से पहले जेम्बेजी नदी काफ़ी चौड़ी हो जाती है, पर ज्यादा गहरी नही है। इसमें कई उप-नदियां भी आकर मिली हैं।

No.-5. प्रपात से पहले जेम्बेजी नदी में ‘लुआम्पा’ और ‘कुआन्डो’ नाम की दो बड़ी नदियां भी आकर मिलती हैं।

No.-6. विक्टोरिया जलप्रपात विश्व का सबसे बड़ा एकल प्रपात है, जो बेसाल्ट घाटियों में मीलो तक शोर करता है।

No.-7. इस जलप्रपात में जल के गिरने की आवाज़ किसी के भी रौंगटे खड़े कर सकती है। ऐसा लगता है कि मानो पूरी जेम्बेजी नदी ही यहाँ से कूद पड़ी हो।

No.-8. मुख्य जलप्रपात सबसे लंबा है, इसे ‘मेन फ़ाल्स’ कहते हैं।

No.-9. विक्टोरिया जलप्रपात में जल इतने जोरों से गहराई में गिरता है कि आस-पास 20 किलोमीटर तक धुंध दिखाई देती है। उससे होने वाली बौछार उँचे जाकर वर्षा की तरह गिरती है। इसी की वजह से यहां रेन फॉरेस्ट बना हुआ है।

अब्बे झरना, कर्नाटक

No.-1. अब्बे झरना कर्नाटक राज्य के कोडगु जिले में स्थित एक खूबसूरत जलप्रपात है।

No.-2. अब्बे झरना मदिकेरी से लगभग 8 किमी और बेंगळूरू से लगभग 268 किमी की दूरी पर है।

No.-3. अब्बे झरना एक निजी कॉफ़ी बागान के भीतर है।

No.-4. अब्बे झरना को देखने के लिए पर्यटक यहाँ बड़ी संख्या में आते हैं।

No.-5. मॉनसून के दिनों में अब्बे झरने की सुंदरता देखते ही बनती है।

Bharat Ke Jalprapat

अमृतधारा जल प्रपात, छत्तीसगढ़

No.-1. अमृतधारा जल प्रपात छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया ज़िले में स्थित है। सम्पूर्ण भारत में कोरिया को प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है।

No.-2. इस ज़िले को प्रकृति ने अपनी अमूल्य निधियों से सजाया और सँवारा है।

No.-3. यहाँ चारों ओर प्रकृति के मनोरम दृश्य बिखरे पड़े हैं। इन्हीं में से एक ‘अमृतधारा जल प्रपात’ है, जो कि हसदो नदी पर स्थित है।

No.-4. कोरिया ज़िला अपने पूरे घने जंगलों, पहाड़ों, नदियों और झरनों से भरा पड़ा है।

अमृतधारा प्रपात

No.-1. अमृतधारा प्रपात कोरिया में सबसे प्रसिद्ध प्रपातों मे से एक है। छत्तीसगढ़ में कोरिया भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान एक रियासत थी।

No.-2. अमृतधारा जल प्रपात एक प्राकृतिक झरना है, जहाँ से हसदो नदी का जल गिरता है।

No.-3. यह झरना मनेन्द्रगढ़-बैकुन्ठपुर सड़क पर स्थित है।

No.-4. भारत के छत्तीसगढ़ में अमृतधारा प्रपात कोरिया ज़िले में है, जिसका जल 90 फीट की ऊंचाई से गिरता है।

No.-5. वह बिंदु जहाँ पानी गिरता है, वहाँ एक बड़ा ही प्यारा-सा बादल के जैसा माहौल चारों ओर बन जाता है, जिससे प्रपात की सुन्दरता में चार चाँद लग जाते हैं।

No.-6. अमृतधारा जल प्रपात एक बहुत ही शुभ शिव मंदिर के लिए प्रसिद्ध है।

No.-7. इस जगह के आस-पास एक बहुत प्रसिद्ध मेला हर साल आयोजित किया जाता है।

No.-8. मेले का आयोजन रामानुज प्रताप सिंह जूदेव, जो कोरिया राज्य के राजा थे, ने वर्ष 1936 में किया गया था। महाशिवरात्रि के उत्सव के दौरान इस जगह मे मेले का आयोजन होता है, जिस दौरान यहाँ लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उपस्थित होती है।

उसरी झरना, झारखंड

No.-1. शहर गिरिडीह की पूर्व दिशा में 14 किमी की दूरी पर उसरी झरना स्थित है।

No.-2. उसरी झरने की ऊँचाई लगभग 40 फीट है और यह तीन धाराओं में नीचे गिरता है।

No.-3. उसरी झरना उसरी नदी का उदगम स्थल है।

No.-4. इसके पास पिकनिक मनाना पर्यटकों को बहुत पसंद आता है क्योंकि वह यहाँ पर पिकनिक मनाने के साथ-साथ पारसनाथ पहाड़ी के मनोरम दृश्य भी देख सकते हैं।

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चित्रकूट अथवा चित्रकोट जलप्रपात, छत्तीसगढ़

No.-1. चित्रकूट अथवा चित्रकोट जलप्रपात सभी मौसम में छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर ज़िले में इन्द्रावती नदी पर स्थित एक सुंदर जलप्रपात है।

No.-2. हालांकि छत्तीसगढ़ राज्य में और भी बहुत-से जलप्रपात हैं, किन्तु चित्रकूट जलप्रपात सभी से बड़ा है।

No.-3. आप्लावित रहने वाला यह जलप्रपात पौन किलोमीटर चौड़ा और 90 फीट ऊँचा है।

No.-4. इस जलप्रपात की विशेषता यह है कि वर्षा के दिनों में यह रक्त लालिमा लिए हुए होता है, तो गर्मियों की चाँदनी रात में यह बिल्कुल सफ़ेद दिखाई देता है।

No.-5. जगदलपुर से 40 कि.मी. और रायपुर से 273 कि.मी. की दूरी पर स्थित यह जलप्रपात छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा, सबसे चौड़ा और सबसे ज्यादा जल की मात्रा प्रवाहित करने वाला जलप्रपात है।

No.-6. इस प्रपात से इन्द्रावती नदी का जल प्रवाह लगभग 90 फुट ऊंचाई से नीचे गिरता है।

No.-7. चित्रकूट जलप्रपात बहुत ख़ूबसूरत हैं और पर्यटकों को बहुत पसंद आता है।

No.-8. सधन वृक्षों एवं विंध्य पर्वतमालाओं के मध्य स्थित इस जल प्रपात से गिरने वाली विशाल जलराशि पर्यटकों का मन मोह लेती है।

No.-9. ‘भारतीय नियाग्रा’ के नाम से प्रसिद्ध चित्रकूट प्रपात वैसे तो प्रत्येक मौसम में दर्शनीय है, परंतु वर्षा ऋतु में इसे देखना अधिक रोमांचकारी अनुभव होता है।

No.-10. वर्षा में ऊंचाई से विशाल जलराशि की गर्जना रोमांच और सिहरन पैदा कर देती है।

No.-11. आकार में यह झरना घोड़े की नाल के समान है और इसकी तुलना विश्व प्रसिद्ध नियाग्रा झरनों से की जाती है।

No.-12. वर्षा ऋतु में इन झरनों की ख़ूबसूरती अत्यधिक बढ़ जाती है।

No.-13. जुलाई-अक्टूबर का समय पर्यटकों के यहाँ आने के लिए उचित है।

No.-14. चित्रकोट जलप्रपात के आसपास घने वन विराजमान हैं, जो कि उसकी प्राकृतिक सौंदर्यता को और बढ़ा देती है।

No.-15. रात में इस जगह को पूरा रोशनी के साथ प्रबुद्ध किया गया है। यहाँ के झरने से गिरते पानी के सौंदर्य को पर्यटक रोशनी के साथ देख सकते हैं।

No.-16. अलग-अलग अवसरों पर इस जलप्रपात से कम से कम तीन और अधिकतम सात धाराएँ गिरती हैं।

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धुआँधार प्रपात, मध्य प्रदेश

No.-1. धुआँधार प्रपात मध्य प्रदेश के जबलपुर के निकट स्थित एक बहुत ही सुन्दर जल प्रपात है।

No.-2. भेड़ाघाट में जब नर्मदा नदी की ऊपरी धारा विश्व प्रसिद्ध संगमरमर के पत्थरों पर गिरती है, तो जल की सूक्ष्म बूँदों से एक धुएँ जैसा झरना बन जाता है, इसी कारण से इसका का नाम ‘धुआंधार प्रपात’ रखा गया है।

No.-3. यह प्रपात नर्मदा नदी का जल प्रपात है, जो जबलपुर से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

No.-4. घुआंधार प्रपात अपनी शांति और सुन्दर दृश्यावली से पर्यटकों का मन मोह लेता है।

No.-5. इसका जल लगभग 95 मीटर की ऊँचाई से गिरता है।

No.-6. यहाँ से जल गिरने की गति बहुत ही तेज़ है।

No.-7. इस प्रपात की गर्जना दूर-दूर तक सुनी जा सकती है।

No.-8. इस आकर्षक जल प्रपात में जल की नन्हीं बूँदें बिखरकर धुँए का दृश्य बना देती हैं।

No.-9. इसलिए इसे ‘धुँआधार प्रपात’ के नाम से जाना जाता है

 

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