Ashok ke shilalekh kitne hai

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इन शिलालेखों के अनुसार अशोक के बौद्ध धर्म फैलाने के प्रयास भूमध्य सागर के क्षेत्र तक सक्रिय थे और सम्राट मिस्र और यूनान तक की राजनैतिक परिस्थितियों से भलीभाँति परिचित थे। इनमें बौद्ध धर्म की बारीकियों पर ज़ोर कम और मनुष्यों को आदर्श जीवन जीने की सीखें अधिक मिलती हैं। पूर्वी क्षेत्रों में यह आदेश प्राचीन मागधी में ब्राह्मी लिपि के प्रयोग से लिखे गए थे।

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Que.-1. अशोक के शिलालेख कितने हैं ?

Ans. अशोक के शिलालेख 14 हैं  |

Point.-1. अशोक के शिलालेख की खोज 1750 ईस्वी में पाद्रेटी फेन्थैलर ने की थी । इनकी संख्या -14 है ।

Point.-2. अशोक के अभिलेख पढ़ने में सबसे पहली सफलता 1837 ईस्वी में जेम्स प्रिसेप को हुई ।

अशोक के प्रमुख शिलालेख

No.-1. पहला शिलालेख– पशुबलि की निंदा

No.-2. दूसरा शिलालेख– मनुष्य एवं पशु की चिकित्सा व्यवस्था

No.-3. तीसरा शिलालेख– धार्मिक नियमों का उल्लेख

No.-4. चौथा शिलालेख– धम्मघोष की घोषणा

No.-5. पांचवा शिलालेख –धर्म महामात्रों की नियुक्ति

No.-6. छठा शिलालेख– आत्म नियंत्रण की शिक्षा

No.-7. सातवाँ व आठवाँ शिलालेख— अशोक की तीर्थ यात्रा का उल्लेख

No.-8. नौवाँ शिलालेख —सच्ची भेंट तथा शिष्टाचार का उल्लेख

No.-9. दसवाँ शिलालेख— प्रजा का हित

No.-10. ग्यारहवाँ शिलालेख— धम्म की व्याख्या

No.-11. बारहवाँ शिलालेख –स्त्री महामात्रों की नियुक्ति

No.-12. तेरहवाँ शिलालेख –कलिंग युद्ध का उल्लेख

No.-13. चौदहवाँ शिलालेख —धार्मिक जीवन के लिए प्रेरित करना

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