नागार्जुन सागर परियोजना - Nagarjuna Sagar Pariyojana

नागार्जुन सागर परियोजना – Nagarjuna Sagar Pariyojana

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नागार्जुन सागर बाँध परियोजना भारत के तेलंगाना राज्य में स्थित एक प्रमुख नदी घाटी परियोजना हैं। इसका नामकरण बौद्ध विद्वान नागार्जुन जी के नाम पर की गई है। इस बाँध को बनाने की परिकल्पना १९०३ में ब्रिटिश राज के समय की गयी थी। १० दिसम्बर १९५५ में इस बाँध की नींव तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने रखी थी।

नागार्जुन सागर परियोजना – Nagarjuna Sagar Pariyojana

No.-1. नागार्जुन सागर परियोजना भारत की प्रमुख नदी घाटी परियोजना है। आन्ध्र प्रदेश के गुंटूर और तेलंगाना के नलगोंडा ज़िलों की सीमा पर नंदीकोड ग्राम के पास नागार्जुन सागर बाँध बनाया गया है।

No.2. नागार्जुन सागर बाँध का निर्माण सन 1955 और 1967 के बीच हुआ था।

No.-3. इस बाँध को बनाने की परिकल्पना 1903 में ब्रिटिश राज के समय की गयी थी।

No.-4. 10 दिसम्बर, 1955 में इस बाँध की नींव तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने रखी थी।

No.-5. नागार्जुन सागर बाँध हैदराबाद से 150 कि.मी. की दूरी पर कृष्णा नदी पर स्थित है।

No.-6. 4 अगस्त, 1967 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी द्वारा इसकी दोनों नहरों में पहली बार पानी छोड़ा गया था।

No.-7. यह भारत का सबसे उँचा और लंबा बाँध है।

No.-8. इस बाँध से निर्मित ‘नागार्जुन सागर झील’ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी मानव निर्मित झील है।

No.-9. इस बाँध के द्वारा नलगोंडा, प्रकाशम, खम्मम, कृष्णा और गुंटूर ज़िलों की सिंचाई होती है।

No.-10. बाँध के निर्माण से प्राचीन बौद्ध शहर नागार्जुनकोंडा, जो की प्राचीन इक्ष्वाकु वंश की राजधानी थी, वह डूब गयी।

No.-11. यहाँ 110 मेगावाट की एक और 100 मेगावाट की सात जलविद्युत इकाइयाँ लगाई गयी हैं।

नागार्जुन सागर परियोजना 

महत्वपर्ण तथ्य

No.-1. डीवीसी भारत सरकार द्वारा शुरू की जानेवाली प्रथम बहूद्देशीय नदी घाटी परियोजना।

No.-2. कोयला, जल तथा तरल ईंधन तीनों स्त्रोतों से विद्युत उत्पादन करनेवाला भारत सरकार का प्रथम संगठन।

No.-3. मैथन में भारत का प्रथम भूमिगत पनविद्युत केन्द्र।

No.-4. विगत शताब्दी के पचावें दशक में बोकारो ंकएंक ताविके राष्ट्र का बृहत् तापीय विद्युत सयंत्र।

No.-5. बीटीपीएस ंकएंक बॉयलर ईंधन फर्नेंस में अनटैप्ड निम्न स्तर कोयला जलाने में प्रथम।

No.-6. चंद्रपुरा ताविके में उच्च ताप प्राचलों का प्रयोग करते हुए भारत की प्रथम री-हिट इकाइयाँ।

No.-7. मेजिया इकाई जीरो कोल रिजेक्ट हेतु सेवा में ट्यूब मिलों सहित पूर्वी भारत में अपने प्रकार की प्रथम।

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